
रांची। राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा परिवहन व्यवसायियों की लगातार अनदेखी के विरोध में रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (RGTA) के सदस्यों ने 2 अक्टूबर 2025 को सुकुरहुटू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर गेट के पास शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक धरना दिया। विरोध कार्यक्रम पूर्वाह्न 11:30 बजे से शुरू हुआ, जिसमें दर्जनों सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए।
व्यवसायियों ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा 3 अक्टूबर 2024 को किया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार ने परिवहन क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं की अनदेखी की है, जबकि यह वर्ग नियमित रूप से अग्रिम कर जमा करता है।
आरजीटीए से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार अब व्यावसायिक वाहनों पर नगर निगम कर लगाने की तैयारी कर रही है, जो पहले से कर चुका रहे व्यवसायियों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यवसाय करने की सुविधा देनी चाहिए, न कि शोषण।
हजारीबाग में मालवाहक वाहनों के दिन में परिचालन पर लगे प्रतिबंध और ऑनलाइन जुर्माने की भी कड़ी आलोचना की गई। सदस्यों ने मांग की कि छोटे मालवाहक वाहनों के परिचालन निषेध की समय सीमा घटाई जाए और जुर्माना नीति में राहत दी जाए।

मौके पर मौजूद वक्ताओं ने सरकार से तत्काल ट्रांसपोर्ट नगर का आवंटन शुरू करने की मांग की और चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस विरोध कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकिशोर सिंह, रविन्द्र दुबे, दीपक सिंह, एस.बी. सिंह, सुनील सिंह चौहान, उदित नारायण सिंह, रंजीत तिवारी, उदय सिंह, मदन लाल पारीक, धर्मेंद्र सिंह, अनिल माथुर, मनीष चौधरी, इंद्रेश कुमार, संजीव अग्रवाल, ऋषिदेव यादव समेत कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का नेतृत्व आरजीटीए के प्रवक्ता सुनील सिंह चौहान ने किया।