
रांची। आदिवासी अस्तित्व बचाओ मोर्चा ने आज सिरमटोली सरना स्थल में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर बताया कि कुड़मी समुदाय के विरुद्ध रविवार को पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में ऐतिहासिक आक्रोश महाजूटान हुआ। इस महाजूटान में झारखंड के 24 जिलों से 32 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज किसी भी परिस्थिति में अपने अस्तित्व से समझौता नहीं करेगा और कुड़मी समुदाय की गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं है।
अजय तिर्की ने महाजूटान में शामिल सभी आदिवासी संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, जब तक कुड़मी महतो समुदाय अपनी आदिवासी दर्जे की मांग वापस नहीं ले लेता, तब तक आदिवासी समाज झुकेगा नहीं। अगर कुड़मी किसी भी रूप में आंदोलन करेगा तो आदिवासी अस्तित्व बचाओ मोर्चा उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
उन्होंने प्रेस मीडिया और जिला प्रशासन को कार्यक्रम में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
अजय तिवारी और ग्लैडसन डुंगडुंग ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज 2018 से ही कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने का विरोध कर रहा है। कुड़मी समुदाय आदिवासी बनने के किसी भी मानदंड को पूरा नहीं करता। अगर केंद्र सरकार ने कुड़मी को एसटी दर्जा दिया, तो अब तक शांतिपूर्ण आंदोलन उग्र रूप ले लेगा।
ग्लैडसन डुंगडुंग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी धर्म के नाम पर समाज को लड़ाने वाली पार्टी है। उन्होंने बताया कि कुड़मी समुदाय बीते दो महीने से एसटी दर्जे की मांग को लेकर आंदोलनरत है, जबकि आदिवासी समाज इसका पुरजोर विरोध कर रहा है।