आदिवासी मूलवासियों की ईवीएम के विरोध में बैठक हुई। इस बैठक में हिन्दू मुस्लिम शिख ईसाई आदिवासी सभी समाज के बुद्धिजीवी वर्गों ने भाग लिया और उन्होंने ईवीएम हटाओ-लोकतंत्र बचाओ के नारों के साथ कल शनिवार दिनांक 2/3/24 दोपहर 3 बजे अल्बर्ट एक्का चौक में ईवीएम डमी का पुतला बनाकर दहन किया जाएगा जिसमें समाज के हजारों लोग उपस्थित होकर विरोध जताया जाएगा उन्होंने कहा कि सरकार एवं चुनाव आयोग से मांग की है कि अगर बैलट पेपर से चुनाव नहीं करेंगी तो यह देश तथा राज्यों में आने वाले सभी चुनाव मत पत्रों के जरिए ही कराए जाएं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर झारखण्ड में ईवीएम मशीन के विरुद्ध एक जनांदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग को चेतावनी देते हुए कहा कि पूरे देश में ईवीएम के खिलाफ जनता सड़क पर आंदोलनरत है फिर भी सरकार और चुनाव आयोग चुप्पी साधे हुए हैं। सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने सम्मेलन संबोधित करते हुए कहा कि ईवीएम विश्वसनीय नहीं है। आज के युग कुछ भी संभव है जब घर बैठे अकाउंट से पैसा उड़ाया जा हैं, साइबर क्राइम हो सकता है तो ईवीएम हैक करना कौन सी बड़ी बात है।

उन्होंने कहा कि ईवीएम के सॉफ्टवेयर में एक गुप्त कोड होता है, जिसे केवल ईवीएम बनाने वाली कंपनी को ही पता होता है। अगर यह कोड किसी को मिल जाए तो आसानी से इसका रिज़ल्ट बदला जा सकता है। इस मौके पर नदीम खान, महताब, पप्पू, पंकज, सोनू सिंह, केप्टन शकील, अरविंद मिश्रा, मुकेश मेहता, चन्दन सिंह, रज्जाक, रुपचंद खेटव आदि लोग उपस्थित थे।
