
रांची में झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने राष्ट्रीय जनगणना 2026 के कार्य में राज्य के लगभग शत-प्रतिशत सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर चिंता जताई है। मोर्चा ने सरकार से अपील करते हुए कहा है कि कम से कम 25 प्रतिशत शिक्षकों को जनगणना कार्य से मुक्त रखा जाए ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
मोर्चा के प्रदेश संयोजक अमीन अहमद, विजय बहादुर सिंह और प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार दास ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य में अन्य विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और बेरोजगार युवाओं को भी आउटसोर्सिंग मॉडल के तहत अवसर दिया जाना चाहिए।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि सभी शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में लगाने से सरकारी विद्यालयों के शिक्षण, प्रशिक्षण और रिपोर्टिंग कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कई स्कूल पहले से ही एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, ऐसे में शिक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावित होने की आशंका है।
मोर्चा ने यह भी कहा कि शिक्षकों की गर्मी की छुट्टियां उनकी अर्जित छुट्टियों के बदले दी जाती हैं, लेकिन जनगणना कार्य के कारण उन्हें निजी और पारिवारिक कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में व्यावहारिक सुधार की मांग करते हुए बताया कि कई शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय से 50 से 60 किलोमीटर दूर क्षेत्रों में जनगणना कार्य के लिए भेजा गया है, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
संयुक्त शिक्षक मोर्चा ने विभागीय सचिव को ज्ञापन सौंपकर जनगणना कार्य को सफल और त्रुटिरहित बनाने के साथ-साथ विद्यालयों के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु उचित समाधान की मांग की है।