राँची पहाड़ी मंदिर में बवाल: 6.74 करोड़ टेंडर घोटाले की जाँच की मांग, हंगामा और अव्यवस्था के गंभीर आरोप

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राँची: राजधानी राँची स्थित पहाड़ी मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है। राँची पहाड़ी मंदिर विकास समिति की नई कमिटी ने मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर पदभार ग्रहण किया, लेकिन इस दौरान कई गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।


समिति ने आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़े लगभग 6.74 करोड़ रुपये के टेंडर में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है। इसके साथ ही करोड़ों रुपये के लोहे और प्लास्टिक सामग्री के दुरुपयोग और बिक्री का मामला भी उठाया गया है। समिति के अनुसार, मंदिर परिसर में बने नए हॉल और उच्च गुणवत्ता वाली सीढ़ियों को तोड़कर धन का दुरुपयोग किया गया।
नई कमिटी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में अध्यक्ष जस्टिस डॉ. एस.एन. पाठक, उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह एवं वीरेंद्र तिवारी, सचिव राकेश सिन्हा सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मंदिर परिसर के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना कर कार्यभार संभाला।


समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व सूचना के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित नहीं हुए और मंदिर के कई कार्यालयों में ताले लगे पाए गए, यहाँ तक कि ताले के ऊपर भी ताले लगाए गए थे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा मंदिर परिसर में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की गई। मुख्य द्वार और सीढ़ियों को घेरकर श्रद्धालुओं के प्रवेश में बाधा डाली गई, जिससे आम भक्तों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


समिति के अनुसार, बाहर के लोगों को बुलाकर मंदिर परिसर में हंगामा कराया गया और ध्वनि उपकरणों के माध्यम से अशोभनीय व्यवहार किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बनाने का प्रयास किया गया।


हालांकि, समिति के सदस्यों की सूझबूझ से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़ी घटना को टाल दिया गया।


समिति ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए और दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि मंदिर आस्था का केंद्र है, इसे राजनीतिक विवाद का मंच बनाना बेहद निंदनीय है।

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