दिल्ली में चमका झारखंड: सखी मंडल की महिलाओं ने IITF 2025 में रचा इतिहास, 30 लाख से अधिक की बिक्री से पलाश-आदिवा ब्रांड ने जीता देश का दिल ।

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नई दिल्ली, 27 नवंबर 2025 | नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF 2025) में झारखंड ने अपनी अलग पहचान बनाई। झारखंड की सखी मंडल से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों से सबका ध्यान आकर्षित करते हुए कुल ₹30.72 लाख की शानदार बिक्री दर्ज की।

इस वर्ष झारखंड के पलाश और आदिवा ब्रांड ने दिल्लीवासियों का दिल जीत लिया।
खाद्य उत्पादों में रागी और तिल के लड्डू, रागी मिक्सचर, अचार, अरहर दाल, सरसों तेल जैसे उत्पादों को लोगों ने खूब सराहा। वहीं आदिवा ब्रांड के पारंपरिक चांदी और ऑक्सीडाइज़्ड ज्वेलरी, तसर सिल्क साड़ियाँ, नैचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट्स और डोकरा कला की वस्तुओं ने भी राष्ट्रीय मंच पर झारखंड की कला-संस्कृति को नया आयाम दिया।


दिल्ली के उपभोक्ताओं ने विशेष रूप से आदिवा ब्रांड की ज्वेलरी को पसंद किया, जिसकी बिक्री ₹14.84 लाख से अधिक रही। सिमडेगा की कॉलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की महिलाओं द्वारा तैयार रागी और तिल के लड्डू स्वाद और गुणवत्ता के कारण सबसे लोकप्रिय उत्पाद बने।
इसी तरह जमशेदपुर की मीनू रक्षित के नैचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट्स, गोड्डा जिले के तसर सिल्क और दुमका जिले के डोकरा कला उत्पादों को भी विशेष सराहना मिली।

यह सफलता झारखंड राज्य आजीविका प्रोत्साहन सोसायटी (JSLPS) और ग्रामीण विकास विभाग की उस पहल का परिणाम है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, बाज़ार से जुड़ाव और उद्यमिता विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
अब तक राज्य की 9.82 लाख ग्रामीण महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में सशक्त बन चुकी हैं — जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और मजबूती प्रदान कर रही हैं।

यह उपलब्धि न केवल झारखंड की सखी मंडलों के परिश्रम और आत्मविश्वास का प्रतीक है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि ग्रामीण महिलाएँ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं और सफलता हासिल कर सकती हैं।

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