झारखंड में कर्मचारियों के हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम पर संकट, महासंघ ने स्वास्थ्य विभाग से की समाधान की मांग

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रांची: झारखंड में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा के तहत इलाज पर खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह के अनुसार, 1 मार्च 2026 से 4 मई 2026 के बीच इलाज कराने वाले कई नियमित और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के क्लेम आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे संबंधित कर्मचारियों की आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।

MOU नहीं होने से अटका इलाज का खर्च

महासंघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, झारखंड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने का प्रावधान किया है। इसके तहत कर्मचारी हर वर्ष निर्धारित बीमा राशि का भुगतान भी करते हैं।

महासंघ का कहना है कि टाटा AIG और झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JASAS) के बीच 1 मार्च 2026 से 4 मई 2026 की अवधि के लिए समझौता ज्ञापन यानी MOU नहीं हो सका था। इसी अवधि में इलाज कराने वाले कई कर्मचारियों को अब अपने चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए क्लेम जमा करने में परेशानी हो रही है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित बीमा कार्यालय में क्लेम फॉर्म जमा करने पहुंचने पर कर्मचारियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे उन कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जिन्होंने इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च किए हैं।

अपर मुख्य सचिव से पहले भी की गई थी मांग

महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर महासंघ ने अब संबंधित अधिकारियों से सीधे मुलाकात करने का निर्णय लिया है।

महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, आईएएस, से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप करने और प्रभावित कर्मचारियों के क्लेम का निपटारा सुनिश्चित कराने का अनुरोध करेगा।

महासंघ सौंपेगा मांग पत्र

महासंघ की ओर से बताया गया है कि प्रतिनिधिमंडल में महामंत्री सुनील कुमार साह, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा तथा सनातन कुमार, मो. आलमगीर, पवन कुमार और अमरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल होंगे।

महासंघ ने मांग की है कि 1 मार्च से 4 मई 2026 के बीच इलाज कराने वाले पात्र कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें इलाज पर खर्च की गई राशि की प्रतिपूर्ति मिल सके।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्रभावित कर्मचारियों को उनके चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति कब तक मिल पाती है।

नोट: यह खबर झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। बीमा कंपनी और संबंधित सरकारी संस्था का आधिकारिक पक्ष स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।

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