
हजारीबाग: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं में हो रही देरी को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को हजारीबाग समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले की पेयजलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित योजनाओं और कार्यों में हो रही देरी पर मंत्री ने नाराजगी जताई।
अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में जल जीवन मिशन के तहत संचालित सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग, क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों और संबंधित संवेदकों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि पेयजल आम जनता की बुनियादी जरूरत है और इससे जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और पेयजलापूर्ति से संबंधित सभी संरचनाओं को क्रियाशील बनाने पर जोर दिया।
बंद पड़ी योजनाओं के संवेदकों पर होगी कार्रवाई
बैठक में जिन योजनाओं का काम बंद पाया गया या जिनमें निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। विभागीय सचिव अबु इमरान ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले और योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए। इसके बाद संविदा की शर्तों और संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच, योजनाओं की सतत निगरानी और पेयजलापूर्ति से जुड़ी संरचनाओं के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
तीन महीने बाद फिर होगी समीक्षा
अभियान निदेशक शशि रंजन ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार संवेदकों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए आदेशों के अनुपालन और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तीन महीने बाद फिर से की जाएगी।
बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता रेयाज आलम सहित संबंधित जिलों के वरीय अधिकारी, विभागीय पदाधिकारी और संवेदक उपस्थित थे।