
रांची के मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री ऑफिस के पास आदिवासी परिवारों के पारंपरिक आवागमन मार्ग को अवरुद्ध किए जाने के विरोध में पीड़ित परिवारों और स्थानीय निवासियों ने 25 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने रांची नगर निगम और संबंधित लोगों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए रास्ता बहाल करने की मांग की है।

पीड़ित परिवार के सदस्य मनोज प्रभाकर उरांव के अनुसार, 17 अक्टूबर को रांची नगर निगम के जूनियर इंजीनियर, परिवर्तन दल, इंफोर्समेंट टीम और ठेकेदार से जुड़े लोगों की कार्रवाई के बाद उनके आवागमन का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। उनका आरोप है कि 22 अक्टूबर से रजिस्ट्री ऑफिस के पास चारदीवारी का निर्माण कराकर उनके पारंपरिक रास्ते में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रास्ता बंद होने से क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और आवागमन मार्ग को बहाल करने की मांग की है।
धरना-प्रदर्शन में राजेश लिंडा, कुंदरेसी मुंडा, निरंजना हेरेंज टोप्पो, हर्षिता मुंडा, मनोज प्रभाकर कुजूर, संध्या कुजूर, नमी उरांव, अंजलि उरांव, सुमन कुजूर और राजेंद्र मुंडा समेत सैकड़ों लोग शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता और आवागमन मार्ग को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।