
रांची, 25 अक्टूबर 2026। बाबा विद्यापति स्मारक समिति के कार्यालय में रविवार, 25 अक्टूबर को कोजागरा सह महालक्ष्मी पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विधि-विधान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित श्री संतोष मिश्रा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से हुई। इस दौरान बाबा विद्यापति द्वारा रचित प्रसिद्ध आरती ‘जय जय भैरवि असुर भयावनि, पशुपति भामिनी माया’ का गायन कर श्रद्धापूर्वक आरती की गई। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई गई।

श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया प्रसाद
पूजा संपन्न होने के बाद माता लक्ष्मी को अर्पित दही, चूड़ा, चीनी, खाजा, लड्डू, पान और मखाना सहित अन्य खाद्य सामग्री श्रद्धालुओं के बीच वितरित की गई। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
नवविवाहित जोड़े के सुखमय दांपत्य जीवन की कामना
इस अवसर पर बाबा विद्यापति स्मारक समिति द्वारा वैवाहिक कार्यक्रम से जुड़े जोड़े कृतेश झा और नेहा झा के सुखमय दांपत्य जीवन की कामना भी की गई। दोनों का विवाह 24 नवंबर 2025 को हुआ था। समिति की ओर से माता लक्ष्मी से उनके वैवाहिक जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की मंगल कामना की गई।

गणमान्य लोगों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम का उद्घाटन प्राइस डीलर एसोसिएशन के महामंत्री श्री ज्ञान देव झा ने किया। पूजा-अर्चना पंडित श्री संतोष मिश्रा ने विधिवत संपन्न कराई।
इस धार्मिक आयोजन में समिति के अध्यक्ष श्री जयंत झा, मुख्य महासचिव श्री मृत्युंजय झा, मनोज झा, संतोष मिश्रा, ऋतु नाथ झा, राधेश्याम यादव, राजेश कुमार झा, सुमन झा, अनिल सिन्हा, अशोक मिश्रा, ज्ञान देव झा, पवन सोनी, जितेंद्र मिश्रा, इशांक झा, गोपाल ठाकुर, रणजीत लाल दास, बिंदु झा, छवि झा, राजीव रंजन और अशोक पांडेय सहित कई लोग शामिल हुए।
सभी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपनी सहभागिता निभाई।
समिति के अध्यक्ष जयंत झा ने दी जानकारी
कार्यक्रम के संबंध में बाबा विद्यापति स्मारक समिति के अध्यक्ष जयंत झा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोजागरा सह महालक्ष्मी पूजा के आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई।