
सरायकेला-खरसावां: झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 3 नवंबर को अपने परिजनों के साथ चांडिल डैम का भ्रमण किया। इस दौरान वे यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण से काफी प्रभावित नजर आए।

चांडिल डैम भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के साथ डैम और आसपास के क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को चांडिल डैम के बहुआयामी विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, जल प्रबंधन और चांडिल परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इको-टूरिज्म और बोटिंग की सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और नौकायन यानी बोटिंग की व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए होगा विकास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चांडिल डैम और आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक एवं पर्यावरण अनुकूल ब्लूप्रिंट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र का विकास इस तरह किया जाना चाहिए, जिससे प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चांडिल परियोजना के कार्यों में गति लाने तथा बिजली उत्पादन एवं संवर्धन से जुड़े पहलुओं पर भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।


ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, विधायक सविता महतो, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह, चांडिल के एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की इस पहल से चांडिल डैम को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की उम्मीद है।




