
रांची: करम पूजा महोत्सव को लेकर केंद्रीय सरना समिति की ओर से सोमवार, 21 सितंबर 2026 को रांची के कचहरी परिसर स्थित 13 आरआईटी बिल्डिंग में करम पूर्व संध्या सह प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांके, बोडेया, करम टोली, कोकर, बरियातू, मोरहाबादी समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग ढोल, नगाड़ा और मांदर के साथ शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत चडरी मौजा के राहुल पाहन ने रूढ़िवादी परंपरा और संस्कृति के अनुसार बेलवा फारी और डंडा काटने की रस्म के साथ की। इसके बाद पारंपरिक नृत्य और संगीत का आयोजन हुआ। लोगों ने पारंपरिक करम गीतों पर जमकर नृत्य किया।

इस दौरान केंद्रीय सरना समिति ने करम पूजा को शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए। समिति ने कहा कि करम पूजा गांव और मौजा के पाहन-पुजार की अगुवाई में रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार अखाड़े में ही की जाए।
समिति के प्रमुख निर्देशों में पूजा से पहले जावा फूल का प्रयोग नहीं करने, करम डाल काटते समय पूरी विधि-विधान का पालन करने, पारंपरिक वेशभूषा में पूजा में शामिल होने और ढोल, नगाड़ा व मांदर जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ नृत्य-संगीत करने की अपील की गई।
इसके अलावा अखाड़े में नशापान कर प्रवेश नहीं करने, चप्पल-जूते पहनकर अखाड़े में प्रवेश नहीं करने और DJ का प्रयोग नहीं करने की अपील की गई। समिति ने गिरजाघर में करम नहीं गाड़ने तथा कथावाचक द्वारा करम की पूरी कहानी सुनाने की बात भी कही।

केंद्रीय सरना समिति ने जिला प्रशासन से प्रत्येक अखाड़े में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। साथ ही पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की गई। समिति ने शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने और शहर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाने की भी मांग रखी।
कार्यक्रम में केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुवनेश्वर लोहरा, संजय तिर्की, महिला अध्यक्ष एंजेल लकड़ा, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा, विमल कच्छप, अमर तिर्की, रामदास उरांव, दशमी टोप्पो, विनय उरांव, वरीय उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, राधा हेंब्रम, मसना समिति करमटोली के बुधराम उरांव समेत कई लोग मौजूद रहे।