दुर्गा पूजा 2026: रांची में पंडालों से लेकर विसर्जन तक के लिए प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

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रांची, 13 सितंबर 2026। आगामी दुर्गा पूजा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने पूजा समितियों और आयोजकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने सभी पूजा समितियों से गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करने और पुलिस-प्रशासन को आवश्यक सहयोग देने की अपील की है।
जारी दिशा-निर्देशों के तहत पंडाल और गेट का निर्माण मकान, गैस गोदाम, ट्रांसफॉर्मर, विद्युत तार, रेलवे लाइन और हाईटेंशन तार से सुरक्षित दूरी पर करने को कहा गया है। पंडाल निर्माण में ज्वलनशील और सिंथेटिक कपड़ों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।


श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए महिला और पुरुषों के प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने, पर्याप्त चौड़ाई रखने तथा महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। आकस्मिक स्थिति में सुरक्षित निकासी की अलग व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है।

विद्युत और अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रशासन ने पंडालों की वायरिंग सुरक्षित तरीके से करने और सभी विद्युत उपकरणों एवं धातु संरचनाओं की उचित अर्थिंग कराने को कहा है। विद्युत नियंत्रण कक्ष ऐसी जगह बनाने के निर्देश हैं, जहां विद्युतकर्मी आसानी से पहुंच सकें।
पंडालों में बिजली कनेक्शन लेने से पहले झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से विद्युत भार स्वीकृत कराने को कहा गया है। साथ ही संबंधित विद्युत अभियंता से विद्युत सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त करना भी जरूरी होगा।


पंडाल के अंदर या आसपास अग्निशमन यंत्र, पानी और सूखी बालू से भरी बाल्टियां तथा रबर हैंड ग्लव्स जैसी आवश्यक अग्नि सुरक्षा सामग्री रखने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अग्निशमन पदाधिकारी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को भी कहा गया है।


CCTV और स्वयंसेवकों की रहेगी व्यवस्था
पंडाल के अंदर-बाहर और आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने तथा उनकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पंडाल के बाहर पूजा समिति के पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं के मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित करने होंगे।


पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें पहचान पत्र जारी करने और स्वयंसेवकों की सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया को लेकर भी निर्देश
जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग से भी बचने का निर्देश दिया गया है।


प्रशासन ने पूजा समितियों और आम लोगों से सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप ग्रुप में किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट को साझा नहीं करने तथा अफवाहों को बढ़ावा नहीं देने की अपील की है। किसी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को देने को कहा गया है।
विसर्जन निर्धारित मार्ग और स्थल से होगा
दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन प्रशासन द्वारा निर्धारित तिथि, समय और मार्ग के अनुसार ही किया जाएगा। पूजा समितियों को प्रशासन द्वारा चिन्हित घाट या स्थल का ही उपयोग करना होगा।


इसके अलावा फूड स्टॉल और मेले का आयोजन पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से करने, साफ-सफाई बनाए रखने और नगर निगम के सफाई कर्मियों को सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।


प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूजा समिति के सदस्य किसी श्रद्धालु के साथ दुर्व्यवहार न करें। भीड़ के दौरान छिनतई या पॉकेटमारी करते पकड़े गए व्यक्ति को पुलिस के हवाले करने को कहा गया है।


जिला प्रशासन ने पूजा समितियों से अपील की है कि दुर्गा पूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें तथा समय-समय पर जारी होने वाले सभी प्रशासनिक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।


जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर: 9430328080

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