
रांची: JMM के विधायक दशरथ गागाराई पर पहचान और चुनाव में दिए गए शपथ पत्र में जानकारी छुपाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री रवि कुमार ने सरायकेला-खरसावां के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को जांच करने का आदेश जारी किया है।
शिकायत पूर्व सैनिक लालजी राम तिरु द्वारा की गई थी, जिसमें दावा है कि दशरथ गागाराई ने अपने सरकारी पद और पहचान संबंधी सच्ची जानकारी नामांकन के समय प्रस्तुत नहीं की। शिकायतकर्ता के अनुसार, गागाराई सीआरपीएफ के डीआईजी कार्यालय में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहे हैं।

विधायक ने आरोपों को बताया फर्जी
दशरथ गागाराई ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने कहा:
> “यह पहली बार नहीं है जब मैंने चुनाव लड़ा हो। मुझ पर लगाए गए आरोप फर्जी और मनगढ़ंत हैं। आरोप लगाने वाला खुद कई मामलों में आरोपित रहा है और यह उसका तयशुदा काम है। मैं किसी के बहकावे में नहीं आने वाला।”
विधायक ने यह भी कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने की नीयत से शिकायत की गई है।
परिवार की नियुक्ति को लेकर भी सवाल
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधायक के बड़े भाई रामरुकम गागाराई को वर्ष 1992 में सीआरपीएफ में सिपाही (बेल्ट नं. 931140355) के पद पर नियुक्ति मिली थी। आरोप है कि परिवार की सरकारी सेवा की जानकारी भी शपथपत्र में दर्ज नहीं की गई।
अब जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
