
रांची। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर मंगलवार को राज्यभर में बैंककर्मियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। झारखंड में तीन हजार से अधिक बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिसके कारण सुबह से ही अधिकांश बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। शाखाओं से जुड़े सभी प्रकार के बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहे।
हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और विभिन्न बैंक प्रशासनिक कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन किया। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर पूरे देश में देखने को मिला, जहां सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।

ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि हड़ताल के कारण झारखंड में करीब 15 हजार करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। शाखा स्तर पर नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट निर्गमन, आरटीजीएस और नेफ्ट जैसी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले चौथा शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते लगातार तीन दिन बैंक बंद रहे थे। ऐसे में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक शाखाओं तक पहुंचे, लेकिन बंद शाखाएं देखकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
बता दें कि वर्तमान में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। वहीं, विगत वेतन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने सभी शनिवार को अवकाश देने पर लिखित सहमति दी थी, लेकिन अब तक केन्द्र सरकार द्वारा इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और वित्त मंत्रालय में प्रत्येक शनिवार को अवकाश रहता है। बैंककर्मियों ने इसी भेदभाव के विरोध में देशभर में एकजुट होकर हड़ताल की।