
रांची: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar श्री संतोष कुमार गंगवार एवं माननीय मुख्यमंत्री Hemant Soren श्री हेमन्त सोरेन ने कोकर, रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल तथा बिरसा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनकी विधायक पत्नी Kalpana Soren श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। सभी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के अद्वितीय संघर्ष, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को स्मरण किया।

भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की थी। उनके योगदान और बलिदान को आज भी देशभर में सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाता है।

पुण्यतिथि के अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने भी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कोकर, रांची स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत दोनों नेताओं ने बिरसा चौक, रांची स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कोटि-कोटि नमन किया तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की विधायक पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं। सभी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, त्याग, बलिदान और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि है। लगभग सवा सौ वर्षों के लंबे समय के बाद भी देशभर में आदिवासी समुदाय सहित सभी वर्गों के लोग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व को सम्मानपूर्वक स्मरण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, आदर्श और उनके दिखाए रास्ते हम सभी को सदैव प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने जो इतिहास रचा है, उसे लोग सदियों तक याद रखेंगे। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम सभी उनकी पुण्यतिथि पर उनकी समाधि स्थल पर शीश झुकाने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे हैं तथा आगे भी आते रहेंगे।

भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनका जीवन और बलिदान आज भी नई पीढ़ी को अन्याय के खिलाफ संघर्ष तथा समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करता है।

पुण्यतिथि के अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने भी भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।



