झारखंड का नया रोडमैप: खनिज से नॉलेज हब तक, हेमंत सोरेन का बड़ा विजन

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रांची/नई दिल्ली: नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के विकास का व्यापक विजन प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड को केवल खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि एक नॉलेज हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।


सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन इसके बदले राज्य को विस्थापन, पर्यावरणीय क्षति और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अब समय आ गया है कि राज्य को उसके संसाधनों का उचित लाभ मिले।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया राशि का भुगतान, जल जीवन मिशन के लिए अतिरिक्त फंड, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण हेतु सहायता, शिक्षा एवं खेल अवसंरचना को मजबूत करने की मांग शामिल रही।


मुख्यमंत्री ने झारखंड के भविष्य का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि राज्य को मैन्युफैक्चरिंग, नॉलेज इकोनॉमी, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मानव पूंजी ही वास्तविक संपत्ति है और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।


खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े निवेश की योजना है। राज्य में राष्ट्रीय स्तर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर की शिक्षा सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि झारखंड आने वाले वर्षों में सिर्फ खनिज आधारित अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि ज्ञान, कौशल और नवाचार के केंद्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।

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