
रांची, 30 जून: भारत की माइनिंग क्षमता को मजबूत करने और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सीएमपीडीआई (CMPDI) और एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड (NML) ने मंगलवार को रांची स्थित सीएमपीडीआई मुख्यालय में एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत सीएमपीडीआई, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड को कोयला एवं खनिज खनन परियोजनाओं के लिए तकनीकी परामर्श, माइन प्लानिंग, क्षमता निर्माण और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराएगा। समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह, एनएमएल के सीईओ सुब्रत कुमार दास सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एमओयू के अनुसार, सीएमपीडीआई भूमिगत और ओपन कास्ट खदानों के संचालन, तकनीकी प्रशिक्षण, एडवांस माइनिंग तकनीकों के उपयोग, खनिज अन्वेषण, जियोलॉजिकल एवं जियोफिजिकल सर्वे, जीआईएस सर्वे, इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और पर्यावरण निगरानी जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेगा। साथ ही एनएमएल को ‘एक्रिडिटेड प्रोस्पेक्टिंग एजेंसी (APA)’ की मान्यता और ‘मिनरल प्रोस्पेक्टिंग परमिशन असेसमेंट (MPPA)’ से जुड़े कार्यों में भी सहायता प्रदान की जाएगी।
सीएमपीडीआई के सीएमडी चौधरी शिवराज सिंह ने कहा कि यह साझेदारी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, संस्थागत क्षमता बढ़ाने और टिकाऊ खनन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम साबित होगी। वहीं एनएमएल के सीईओ सुब्रत कुमार दास ने कहा कि सीएमपीडीआई की विशेषज्ञता से जिम्मेदार और आधुनिक खनन विकास को नई गति मिलेगी।
दोनों संस्थानों का मानना है कि यह रणनीतिक साझेदारी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ देश के ऊर्जा एवं खनन क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
