रिनपास में 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, क्वियर एवं ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पर होगा मंथन

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रांची: रांची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (रिनपास), कांके में 29 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक “क्वियर ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल” विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रिनपास के मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य विभाग (PSW) और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS), मुंबई के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहा है।


इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को क्वियर एवं ट्रांस समुदाय के प्रति अधिक संवेदनशील, समावेशी और अधिकार-आधारित बनाना है। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग की निदेशक सुश्री किरण कुमारी पासी (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में करेंगी। आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा किरण के नेतृत्व में हो रहा है।

चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान LGBTQ+ समुदायों में मानसिक स्वास्थ्य असमानताओं, लैंगिक एवं यौनिक पहचान से जुड़े तनाव, युवाओं और वृद्ध LGBTQ+ व्यक्तियों की मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों, परिवार एवं समुदाय स्तर पर क्वियर-अफर्मेटिव हस्तक्षेप तथा भारत में LGBTQ+ अधिकारों से जुड़े कानूनी और नीतिगत पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


कार्यक्रम में देशभर के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। इनमें डॉ. केतकी रानाडे, डॉ. रंजीता बिस्वास, अरित्रा चटर्जी, डॉ. एल. रामकृष्णन, जागृति वांडरेकर, डॉ. आशा आचुथन, विनय चंद्रन, डॉ. स्रबस्ती मजूमदार और डॉ. कविता अरोड़ा शामिल हैं।

यह प्रशिक्षण रिनपास के जे. ई. धुंजीभॉय अकादमिक एवं अनुसंधान केंद्र में प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई ने कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण समाज में समावेशी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। संस्थान ने मीडिया से भी इस कार्यक्रम के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की अपील की है, ताकि समाज में क्वियर एवं ट्रांस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ सके।

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