
जेपीएससी परीक्षा में अनियमितता को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन अब सरकार से बातचीत के दरवाजे तक पहुंच सकता है. कल (बुधवार) झारखंड सरकार ने छात्रों से बातचीत करने के लिए चार मंत्रियों की कमेटी की घोषणा की थी. तब छात्रों ने स्पष्ट किया था कि बातचीत खुले में हो, मीडिया के सामने हो. लेकिन गुरुवार की सुबह आंदोलन कर रहे छात्रों ने संकेत दिया है कि वह भी एक प्रतिनिधिमंडल घोषित करेंगे, जो सरकार की कमेटी से वार्ता करेंगे।

जेपीएससी परीक्षा में अनियमितता को लेकर झारखंड के छात्र पिछले 12 दिनों से आंदोलन पर हैं. छात्रों का आंदोलन रांची के कचहरी रोड स्थित जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहा है. चार छात्र अनशन पर हैं. छात्रों का आंदोलन हर दिन तेज होता जा रहा है. नए लोग आंदोलन से जुड़ रहे हैं. लेकिन छात्रों ने गुरुवार की सुबह वार्ता के लिए तैयार होने के संकेत दिये हैं. सुबह 10.30 बजे वह वार्ता के लिए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की घोषणा कर सकते हैं.

छात्रों की मांग है कि परीक्षा में पारदर्शिता तय की जाये. जिन परीक्षाओं में अनियमितता बरती गई हैं, उन्हें रद्द किया जाये, भर्ती प्रक्रिया में सुधार किया जाये. साथ ही अनियमितता के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जाये।
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी की जांच सीआईडी कर रही है. सीआईडी ने अब तक गड़बड़ी के किंगपिन अभय तिवारी समेत कुल 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. जेल भेजे गए लोगों में जेपीएससी के अधिकारी के अलावा धर्मेंद्र कुमार नामक एजेंट भी शामिल है.

धर्मेंद्र कुमार एक अधिकारी के आवासीय कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करता है. पहले वह जेपीएसएसी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते के साथ काम करता था, जब वह राज्य के मुख्य सचिव थे. हालांकि सीआईडी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वर्तमान में धर्मेंद्र कुमार कहां काम कर रहा ।
