
रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने और राज्य के युवाओं को गुमराह करने के उद्देश्य से सुनियोजित राजनीतिक साजिश रची है।
विनोद कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि विवादों और जांच के घेरे में रही टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) जैसी एजेंसी को झारखंड की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा प्रक्रिया से जोड़ने की परिस्थितियों की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़ी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं को जोड़कर देखने पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
झामुमो महासचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 से 2021 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के संदर्भ में TDPL की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद और जांच की बातें सामने आई थीं। ऐसे में झारखंड की भर्ती प्रक्रिया में इस एजेंसी की भूमिका और उसे जिम्मेदारी दिए जाने के निर्णय की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने ऐसी विवादित एजेंसी को झारखंड की भर्ती व्यवस्था तक पहुंचने का रास्ता देकर हेमंत सरकार को राजनीतिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित साजिश से जुड़े तथ्य सामने आएंगे और यह स्पष्ट होगा कि इसके पीछे कौन लोग थे।

विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार की प्राथमिकता झारखंड के युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की सेंधमारी, OMR शीट में कथित हेरफेर या डेटा से छेड़छाड़ युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
झामुमो महासचिव के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
CID और पुलिस द्वारा संबंधित ठिकानों की जांच, डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन तथा संदिग्ध लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को उन्होंने सरकार की स्पष्ट नीति बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी अनियमितता पर पर्दा डालने के पक्ष में नहीं है।
विनोद पांडेय ने कहा कि प्रभावित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और किसी भी निजी एजेंसी या परीक्षा माफिया को युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दोषियों के साथ साजिश के सूत्रधार भी आएं सामने
विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि जांच केवल परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों या एजेंसी के लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जांच उन लोगों तक भी पहुंचनी चाहिए, जिन्होंने कथित तौर पर भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सेंधमारी की योजना बनाई, उसे संरक्षण दिया या उससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में राजनीतिक साजिश के आरोप सही साबित होते हैं, तो भाजपा को झारखंड के युवाओं को जवाब देना होगा कि उनके भविष्य को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश क्यों की गई।
युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता
झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड के युवाओं ने लंबे संघर्ष के बाद रोजगार और सम्मान की उम्मीद बनाई है। इस भरोसे को किसी भी राजनीतिक दल या भर्ती माफिया को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही, दोषियों को कठोर सजा दिलाने और परीक्षा व्यवस्था में किसी भी राजनीतिक या आपराधिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।