
रांची। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की 209वीं जयंती के अवसर पर एचईसी परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अमर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने कहा कि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के रियासत में 97 गांव थे और उनके यहां सभी सुख-सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसके बावजूद उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार और भारतीयों पर हो रहे दमन को देखते हुए अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष का रास्ता चुना।
उन्होंने कहा कि 1857 के सिपाही विद्रोह के दौरान ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ने झारखंड की धरती से अंग्रेजों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष किया। वे गुरिल्ला युद्ध में माहिर थे। अपने सैनिकों के साथ उन्होंने डोरंडा स्थित अंग्रेजों के पुलिस कैंप पर हमला किया और अंग्रेजी सेना को चुनौती दी। इसके बाद वे अपनी सेना के साथ दिल्ली की ओर कूच करने निकले, लेकिन चतरा में अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर लिए गए।
प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने कहा कि अंग्रेजों ने ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को रांची के जिला स्कूल परिसर में फांसी दी। उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया और देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके साहस, पराक्रम और देशभक्ति को हमेशा याद किया जाता रहेगा।
कार्यक्रम में सूरज नाथ शाहदेव, आशीष नाथ शाहदेव, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह, विभु नाथ शाहदेव, सुबोध नाथ शाहदेव, प्रमोद नाथ शाहदेव, विकास नाथ शाहदेव, लक्ष्मी सिंह, मनोज कुमार, इश्तियाक अहमद टुन्नू, राजेश चंद्र राजू, मोहम्मद शाहिद, देवेंद्र महतो सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों ने अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।