
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं, 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, स्टेट फूड सेफ्टी ऑफिसर और CDPO नियुक्तियों को रद्द करने से जुड़े सरकार के आदेश पर महत्वपूर्ण राहत दी है। न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने सौरभ सिंह बनाम राज्य सरकार मामले की सुनवाई के दौरान स्टेट फूड ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने वाले कार्मिक विभाग के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से 18 अगस्त 2026 को जारी आदेश से विज्ञापन संख्या 18/23 के तहत नियुक्त स्टेट फूड ऑफिसर, विज्ञापन संख्या 21/2024 से नियुक्त राज्य सेवा के अधिकारी और विज्ञापन संख्या 21/23 से नियुक्त CDPO प्रभावित हुए थे।
अदालत ने अपने आदेश के 10वें बिंदु में विज्ञापन संख्या 18/23 के तहत नियुक्त स्टेट फूड ऑफिसरों की नियुक्ति रद्द करने संबंधी नोटिफिकेशन पर स्टे लगाया है। वहीं, आदेश के 11वें बिंदु में सीनियर एडिशनल एडवोकेट जनरल को निर्देश दिया गया है कि संबंधित विभाग को सूचित किया जाए कि इस नोटिफिकेशन से प्रभावित याचिकाकर्ताओं और अन्य समान स्थिति वाले लोगों को रिट याचिका के निपटारे तक अपना काम जारी रखने की अनुमति दी जाए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि उनकी नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुई थी और वे अपने पद पर काम कर रहे थे। इसके बावजूद सरकार ने उनका पक्ष सुने बिना नियुक्ति रद्द कर दी। याचिकाकर्ताओं ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
वहीं, सरकार की ओर से कहा गया कि नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं और मामले की गहन जांच चल रही है। सरकार ने यह भी बताया कि CID इस मामले की जांच कर रही है और कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अदालत ने याचिकाकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया है कि वे Affidavit/Undertaking दें कि आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वह उन पर लागू होगा और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए सरकार स्वतंत्र होगी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। अदालत ने अगली सुनवाई के दौरान CID जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी भी पेश करने का निर्देश दिया है।