
रांची, 21 अगस्त 2026: झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने भाजपा पर छात्रों और युवाओं को राजनीतिक मुद्दों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े राजनीतिक हित रखने वाले लोग और कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को आंदोलन और टकराव की ओर उकसा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और तथ्य के आधार पर होना चाहिए। छात्रों को राजनीतिक लड़ाई का मोहरा बनाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बाबूलाल मरांडी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों के बीच जाकर उन्हें राजनीतिक नारों में उलझाने से उनके भविष्य का क्या लाभ होगा।
झामुमो महासचिव ने कहा कि यदि कहीं मारपीट या कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस-प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बिना जांच के किसी राजनीतिक दल या संगठन के कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार का सम्मान करता है। हालांकि, आंदोलन के नाम पर हिंसा, उकसावे या राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा अपने भविष्य, रोजगार और शिक्षा को लेकर जागरूक हैं और किसी भी राजनीतिक दल के मोहरे नहीं हैं।
विनोद पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के हित में लगातार काम कर रही है। भाजपा को यदि कोई ठोस सुझाव देना है तो उसे सरकार के सामने रखना चाहिए। छात्रों को उकसाकर और माहौल खराब करके राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश झारखंड में सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों का समाधान तथ्य, संवाद और कानून के रास्ते से होना चाहिए, न कि सड़क पर अराजकता पैदा करके।
