रांची में बापू वाटिका पर सत्याग्रह कर रहे AAP और CJP कार्यकर्ता हिरासत में, प्रभात शर्मा ने कार्रवाई को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

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रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) और सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रभात शर्मा ने नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आम आदमी पार्टी और सीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में रांची में सत्याग्रह आयोजित किया गया था।

आम आदमी पार्टी के नेता प्रभात शर्मा और सीजेपी के अमित कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में महात्मा गांधी के विचारों के अनुरूप सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

शांतिपूर्ण सत्याग्रह के दौरान पुलिस कार्रवाई का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बलपूर्वक हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में रांची में गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह किया जा रहा था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के अनुसार, रांची में भी पुलिस मौके पर पहुंची और सत्याग्रह कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रभात शर्मा ने उठाए लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभात शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के कामकाज पर सवाल उठाना या उसके इस्तीफे की मांग करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी आवाजों को बलपूर्वक दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का संदेश दिया था। बापू वाटिका में सत्याग्रह कर रहे कार्यकर्ता भी इसी विचारधारा के तहत अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। ऐसे में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

केंद्र सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग

प्रभात शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। साथ ही, दिल्ली की घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और विरोध की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किए जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके साथी सत्य, अहिंसा तथा संविधान में विश्वास रखते हैं। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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