
रांची: झारखंड के आजाद अंसारी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और दर्ज कराई जा रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार, आजाद अंसारी और अनवारुल नदवी ने हाई कोर्ट परिसर में प्रेस वार्ता की।
जान का खतरा और प्रशासनिक दबाव का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार ने दावा किया कि आजाद अंसारी को जान का खतरा है और उन पर प्रशासनिक स्तर पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आजाद अंसारी की ओर से विधानसभा थाना में भी मामला दर्ज कराया गया है।
अधिवक्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।
अदालत के फैसले से पहले अपराधी कहना गलत: आजाद अंसारी
प्रेस वार्ता में आजाद अंसारी ने खुद को व्यवसायी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आपत्ति जताई कि अदालत का फैसला आने से पहले ही उन्हें अपराधी और गुंडा कहा जा रहा है।
आजाद अंसारी ने कहा कि जब तक अदालत में किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं हो जाता, तब तक उसे अपराधी कहना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर चार दिन पर उनके खिलाफ नए मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं और विभिन्न विभागों में शिकायतें की जा रही हैं।
उनका दावा है कि इन शिकायतों के जरिए उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।
कई मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग
आजाद अंसारी ने कलाम अंसारी, ममता तिर्की, उत्तरी टुंडल के मुखिया, अख्तर अंसारी और इनामुल अंसारी से जुड़े मामलों की भी जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि सभी तथ्यों का पता चल सके।
उन्होंने रांची जिला प्रशासन से अपने पक्ष और विरोधी पक्ष, दोनों से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। साथ ही, आजाद अंसारी ने कहा कि वह संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने की भी तैयारी कर रहे हैं।
न्यायिक प्रक्रिया पर जताया भरोसा
आजाद अंसारी ने न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
फिलहाल, इस मामले में लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी आगे की जानकारी सामने आने के बाद प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।