आदिवासियों के परंपरा संस्कृति के साथ खिलवाड़ एवं अपमानित करने का काम किया जा रहा है- फूलचंद तिर्की

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केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि 2024 चुनावी वर्ष है मूल सरना आदिवासियों हिंदू अथवा इसाई नहीं है उनको हिंदूवादी आदिवासी नेता एवं इसाई आदिवासी नेता मूल सरना आदिवासियों को राजनीतिक फायदा के लिए बेचने का काम कर रहे हैं 4 फरवरी का डीलिस्टिंग के विरोध में जो रैली निकाली गई थी उसमें आदिवासियों के परंपरा संस्कृति के साथ खिलवाड़ एवं अपमानित करने का काम किया था एवं 9 फरवरी लिस्टिंग के समर्थन में आरएसएस बीजेपी के अनुषांगिक संगठन जनजाति सुरक्षा मंच के लोग जो अपने आप को कट्टर हिंदू कहते हैं जिन्हें सरना कोड की कोई जरूरत नहीं है एवं यह धर्मांतरण इसाई अथवा मुसलमान को मानते हैं हिंदूवादी आदिवासी नेता जो दोनों नाव पर पैर रखे हुए हैं वह मंदिर भी जाते हैं सरना भी जाते हैं ऐसे लोग लिस्टिंग का मांग करना हास्यप्रद है फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना कोड की तरह विधानसभा से विशेष सत्र बुलाकर हिंदू मुसलमान सिख इसाई एवं अन्य सभी का जो आदिवासी परंपरा संस्कृति छोड़कर दूसरे धर्म में गए हैं डिस्टिंग होना चाहिए क्योंकि आदिवासी परंपरा संस्कृति किसी भी धर्म से मिल नहीं खाती।

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