ईरान पर अमेरिका का बड़ा हमला: होर्मुज स्ट्रेट तनाव के बीच एयरस्ट्राइक, तेल निर्यात लाइसेंस भी रद्द

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और शोक समारोहों के बीच अमेरिका ने 7 जुलाई को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में क़ेश्म द्वीप, सीरिक और बंदर अब्बास के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की तेज रफ्तार नौकाओं पर हमला किया गया।


अमेरिका का आरोप है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। इसी के जवाब में यह सैन्य कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने ईरान के तेल निर्यात से जुड़े जनरल लाइसेंस X को भी रद्द कर दिया, जिससे ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।

दूसरी ओर, ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े शोक समारोह 4 जुलाई से जारी हैं और 9 जुलाई तक चलेंगे। तेहरान, क़ोम और मशहद सहित कई शहरों में लाखों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में अंतिम दफन की तैयारी है।

इस बीच ओमान की खाड़ी में कतर के रास लाफान से भारत के दहेज बंदरगाह की ओर एलएनजी लेकर आ रहे एक वाणिज्यिक जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया गया। जहाज पर 29 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार सभी सुरक्षित हैं और जहाज अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।

हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आ रहे हैं और आधिकारिक स्तर पर सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

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