
रांची:bझारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ा ट्रेजरी घोटाला सामने आया है। पशुपालन विभाग से जुड़े दो कर्मचारियों पर करीब ₹2.94 करोड़ की सरकारी राशि के गबन का आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी सिस्टम में हेराफेरी की। इस दौरान नकली पे-आईडी (Pay ID) तैयार की गईं और फर्जी नामों से बैंक खाते खोले गए। इन खातों के जरिए सरकारी खजाने से रकम निकालकर निजी उपयोग में लाई गई।

जांच एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 67 महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए हैं। इन दस्तावेजों में कई ऐसे प्रमाण मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि घोटाला योजनाबद्ध तरीके से किया गया और लंबे समय तक जारी रहा।
सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला वर्ष 2014 से 2023 के बीच लगातार चलता रहा। इस दौरान कई बार सरकारी राशि का ट्रांसफर और निकासी की गई, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण यह मामला लंबे समय तक सामने नहीं आ सका।
मामले के उजागर होने के बाद संबंधित थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और इस पूरे मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी वित्तीय व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां इस घोटाले की जड़ तक पहुंच पाती हैं या नहीं।