
रांची। झारखंड में छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही देरी को लेकर छात्र संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने छात्रवृत्ति भुगतान की मांग को लेकर डिजिटल आंदोलन का ऐलान किया है। यह डिजिटल अभियान 24 दिसंबर 2025, बुधवार को सुबह 7:00 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #ReleaseScholarship हैशटैग के साथ शुरू किया जाएगा, जिसे नंबर वन ट्रेंड बनाने की तैयारी की जा रही है। संगठन का कहना है कि झारखंड सरकार द्वारा समय पर छात्रवृत्ति भुगतान नहीं होने के कारण राज्य के लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे को लेकर पहले ही सड़क से सदन तक आवाज उठाई जा चुकी है। डुमरी से रांची तक लगभग 200 किलोमीटर की छात्र अधिकार पदयात्रा के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष सह छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रवृत्ति भुगतान में देरी का कारण केंद्र और राज्य सरकार के बीच का राजनीतिक टकराव है, जिसका सीधा नुकसान झारखंड के छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए और इंडिया गठबंधन की राजनीतिक खींचतान में छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया गया है। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि देश को “विश्व गुरु” बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हजारों छात्रों को सम्मानजनक शिक्षा देने में सरकारें विफल साबित हो रही हैं। राज्य सरकार के मंत्री, विधायक और अधिकारी तमाम सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि राज्य की युवा पीढ़ी के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश या राज्य के लिए मानव संसाधन सबसे बड़ी पूंजी होता है, लेकिन आज उसी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि झारखंड के छात्रों के अधिकार के लिए यह डिजिटल आंदोलन केवल शुरुआत है। ऑनलाइन मंच के माध्यम से इस मुद्दे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और जब तक छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
