
रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) में जारी वेतन बढ़ोतरी के आदेश को लेकर सवाल उठाए हैं। महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए वंचित कर्मचारी संवर्गों को भी वेतन बढ़ोतरी का लाभ देने की मांग की है।
महासंघ का आरोप है कि JSLPS द्वारा जारी वेतन बढ़ोतरी के आदेश में केवल FTE यानी Fixed Tenure Employees को बढ़ोतरी दी गई है, जबकि पिछले 10 से 15 वर्षों से कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर और हाउस कीपर संवर्ग को किसी तरह की वेतन बढ़ोतरी नहीं दी गई।

महासंघ का कहना है कि मॉडल HRMS में डेटा एंट्री ऑपरेटर और हाउस कीपिंग जैसे पदों का उल्लेख होने के बावजूद इन कर्मचारियों को बढ़ोतरी से वंचित किया गया है। संगठन के अनुसार, इन कर्मचारियों की नियुक्ति JSLPS की सरकारी प्रक्रिया के तहत हुई है और महासंघ पिछले कई वर्षों से इन्हें FTE में शामिल करने की मांग करता रहा है।
महासंघ ने दावा किया कि इस मामले को लेकर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले में निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
महासंघ ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर JSLPS के FTE कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया गया है, तो डेटा एंट्री ऑपरेटर, हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट क्या JSLPS के कर्मचारी नहीं हैं?
महासंघ ने वेतन बढ़ोतरी के आधार और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संगठन का आरोप है कि कुछ ऐसे पदों को भी FTE के आधार पर वेतन बढ़ोतरी दी गई है, जिनका मॉडल HRMS में उल्लेख नहीं है। इसकी भी जांच की मांग की गई है।
महासंघ के मुताबिक हाउस कीपर और ऑफिस बॉय को वर्तमान में करीब 450 रुपये प्रतिदिन, वह भी केवल कार्यदिवस के आधार पर मानदेय मिलता है। संगठन ने कहा कि महंगाई के मौजूदा दौर में इतने कम मानदेय में कर्मचारियों का जीवनयापन मुश्किल है।
महासंघ ने पथ निर्माण विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटरों को मिलने वाले मानदेय और JSLPS के मानदेय में भी अंतर का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए हैं। महासंघ के अनुसार, पथ निर्माण विभाग में डेटा एंट्री ऑपरेटर को करीब 40,900 रुपये प्रतिमाह, जबकि JSLPS में करीब 22,050 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से JSLPS, ग्रामीण विकास विभाग की पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने और वंचित संवर्गों को भी 60 प्रतिशत वेतन/मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देने की मांग की है।
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन धरना, प्रदर्शन और हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, घरभरन राम, डॉ. गणेश राम, बी. अगस्त क्रांति कुमार, कमलेश कुमार, रामाशीष पासवान समेत अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
नोट: उपरोक्त खबर महासंघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों और मांगों पर आधारित है। संबंधित विभाग/JSLPS का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
