हॉकी इंडिया लीग के उद्घाटन में कल्पना सोरेन का प्रेरक संदेश, मानुषी छिल्लर की गरिमामयी उपस्थिति ।

Spread the love

हॉकी इंडिया लीग के उद्घाटन में पहुंची कल्पना सोरेन ने बताया कि जब हम मैदान की ओर देखते हैं, तो हमें केवल खिलाड़ी नहीं दिखतीं, बल्कि वे बेटियाँ दिखती हैं जिन्होंने सामाजिक सीमाओं को चुनौती दी है, कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को जीवित रखा है और हॉकी को अपना जुनून व पहचान बनाया है।

देश में आज महिला हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन चुकी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला हॉकी टीम की उपलब्धियों ने देश की लाखों बेटियों को यह विश्वास दिया है कि वे भी आगे बढ़ सकती हैं, नेतृत्व कर सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ा सकती हैं।

राज्य सरकार का दृष्टिकोण भी इसी सोच से प्रेरित है कि खेल का मैदान हमारी बेटियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसरों वाला स्थान बने। हमारा उद्देश्य केवल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ हर लड़की बिना किसी डर और भेदभाव के खेल सके, आगे बढ़ सके और अपने भविष्य का निर्माण कर सके।

वहीं विमेंस हॉकी इंडिया लीग के उद्घाटन अवसर मानुषी छिल्लर की गरिमामयी उपस्थिति अत्यंत प्रेरणादायी रही एवं उत्घाटन समारोह में उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने चार चंद लगा दिया। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की महिलाओं की क्षमता, गरिमा और आत्मविश्वास को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है।

उनकी यात्रा यह सिद्ध करती है कि जब अवसर और संकल्प साथ हों, तो महिलाएँ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं। उनकी उपस्थिति खेल जगत की युवा बेटियों के लिए यह संदेश है कि सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का साहस और आत्मविश्वास कभी कम न हो। कार्यक्रम के दौरान उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा भी हुई।

Leave a Reply