झारखंड कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 को राज्यपाल की मंजूरी, फीस–नामांकन–सुविधाओं की देनी होगी पूरी जानकारी ।

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रांची। झारखंड में कोचिंग संस्थानों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। झारखंड विधानसभा से पारित झारखंड कोचिंग सेंटर (नियमन एवं विनियमन) विधेयक 2025 को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है। बजट जारी होते ही यह कानून पूरे राज्य में लागू हो जाएगा।

https://youtu.be/6jeA6-08kpM


इस कानून के लागू होने के बाद राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को फीस, नामांकन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से देनी अनिवार्य होगी। अब कोई भी कोचिंग सेंटर मनमानी नहीं कर सकेगा।


📌 कानून की मुख्य बातें


कोर्स की फीस, उसके घटक, पढ़ाई की अवधि, लेखांकन और ऑडिट से जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य होगा।


सेंटर का रजिस्ट्रेशन शुल्क, कोर्स, ट्यूटर और आधारभूत संरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।


कोचिंग संस्थानों को राज्य सरकार के वेब पोर्टल पर नियमित रूप से सभी जानकारियां अपडेट करनी होंगी।


16 वर्ष से कम उम्र के छात्रों को पढ़ाने के लिए अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य होगी।


कोचिंग सेंटर के रजिस्ट्रेशन की वैधता 5 वर्ष तक होगी।

🏫 संस्थानों के लिए नई शर्तें


प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 1 वर्ग मीटर स्थान देना अनिवार्य होगा।


शुद्ध पेयजल, शौचालय, अग्नि सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं का पालन करना होगा।


1000 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग सेंटर में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी।


💰 नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई


पहली बार नियम उल्लंघन पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
दूसरी बार उल्लंघन पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।


इसके बाद भी नियम नहीं मानने पर 60 दिनों के भीतर सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।


सुधार नहीं होने पर 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।


📝 शिकायत की सुविधा


छात्र अब कोचिंग संस्थानों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रभावी तंत्र बनाया जाएगा, जिससे छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


⏳ रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा


कानून लागू होने के बाद सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। नए कोचिंग सेंटर खोलने के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता लाना है।

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