झारखंड छात्र आंदोलन: 14वीं JPSC और बैकलॉग 2023-25 परीक्षा रद्द करने पर सहमति, JSSC-CGL पर नहीं बनी बात

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रांची। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीन दिनों तक चली वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। वार्ता के बाद राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और छात्र प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से मीडिया को इसकी जानकारी दी।


वार्ता में सबसे बड़ा फैसला 14वीं JPSC परीक्षा तथा बैकलॉग 2023 और 2025 की परीक्षाओं को रद्द करने को लेकर हुआ है। सरकार ने इन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है।


आपराधिक मामलों की CID जांच


मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि परीक्षा से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच CID से कराई जाएगी। वहीं, यदि वित्तीय अनियमितता या आर्थिक गड़बड़ी के मामले सामने आते हैं, तो सरकार की ओर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा।


सरकार ने यह भी कहा है कि गंभीर मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा, ताकि मामलों का जल्द निपटारा हो सके।


JSSC-CGL परीक्षा पर नहीं बनी सहमति


वहीं, JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सरकार और छात्रों के बीच अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। मंत्री ने कहा कि यह परीक्षा न्यायालय के आदेश के बाद आयोजित हुई थी और परीक्षा को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।


मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं के माध्यम से अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, उनकी नियुक्ति को केवल आंदोलन के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता।


रिफॉर्म के लिए IIM रांची और XLRI की मदद


सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार यानी रिफॉर्म को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। मंत्री के अनुसार, परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए IIM रांची और XLRI की टीम के साथ मिलकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।


इसके अलावा कई मामलों की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराने पर भी सरकार ने सहमति जताई है।
सरकार ने आंदोलन खत्म करने की अपील की
तीन दिनों की बातचीत के बाद सरकार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है। मंत्री ने कहा कि छात्र प्रतिनिधि अब आंदोलनकारी छात्रों के बीच जाएंगे और पूरी बातचीत की जानकारी देंगे। इसके बाद छात्र संगठन आंदोलन को लेकर अपना निर्णय लेंगे।


हालांकि, वार्ता के बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक सदस्य ने स्पष्ट किया कि छात्रों की मुख्य मांगों में CBI जांच भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त करने को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।


ऐसे में सरकार और छात्रों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने के बावजूद JSSC-CGL और CBI जांच जैसे मुद्दे अभी भी विवाद का विषय बने हुए हैं। अब छात्र प्रतिनिधियों की बैठक और अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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