दुमका में झामुमो का 47वां स्थापना दिवस: हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु को नमन कर दोहराया संघर्ष और संकल्प

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दुमका। झारखंड मुक्ति मोर्चा के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर दुमका में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को नमन करते हुए भावुक और ओजस्वी संबोधन दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम स्थापना दिवस में उपस्थित हैं, लेकिन यह दिन इतिहास के उस पन्ने की भी याद दिलाता है, जब दिशोम गुरुजी हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हम उन वीर सपूतों की औलाद हैं, जिनके संघर्ष और विचारों की बदौलत आज झारखंड का आदिवासी समाज नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

हेमंत सोरेन ने कहा, “आप सभी के आशीर्वाद से हम झारखंड के लोगों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जिन अंग्रेजों के खिलाफ हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, जिन्होंने हमारे लोगों को ज़मीन पर बैठाया, कोड़े मारे और घरों में घुसने नहीं दिया, आज उसी समाज के हमारे युवा उनसे आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे क़ानून बनाए हैं, जिनके कारण आज झारखंड का आदिवासी युवा अंग्रेजों और अन्य वर्गों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहा है। आज वैश्विक मंच पर आदिवासी राज्य से आदिवासी नौजवान देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है और देश का सबसे अधिक खनिज यहीं से निकलता है, लेकिन जब केंद्र सरकार बजट पेश करती है तो झारखंड का नाम तक नहीं लिया जाता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विरोधी झारखंड को कमजोर समझते थे, लेकिन झारखंड की जनता अब राजनीतिक चक्रव्यूह और षड्यंत्र को भली-भांति समझने लगी है। उनकी हर चाल को समय रहते ध्वस्त किया जाता है।


नगर निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अद्भुत उत्साह है। ठंड के बावजूद मैदान में उमड़े जनसैलाब को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवाओं की एकजुटता ही झामुमो की असली ताक़त है।

स्थापना दिवस पर संकल्प दिलाते हुए उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि देते हुए हम यह प्रतिज्ञा लेकर जाएं कि अपने बच्चों को पढ़ाएंगे, लिखाएंगे, उन्हें क़ाबिल बनाएंगे और गांव, समाज व राज्य का नाम रौशन करेंगे।


अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य के कोने-कोने से आए कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताते हुए जोहार किया।
कार्यक्रम के दौरान नारों से माहौल गूंज उठा—
“वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!”
“झारखंड मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद!”
“जय झारखंड!”

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