
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है. CID की पूछताछ में उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के अधिकारियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं।
सूत्रों के अनुसार, श्वेता गुप्ता ने CID को बताया कि JPSC में परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और गतिविधियों की पूरी जानकारी तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांगते को थी. ओएमआर शीट में गड़बड़ी की शिकायत भी उनके संज्ञान में लाई गई थी. उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा प्रक्रिया में किए गए कई बदलाव तत्कालीन चेयरमैन के निर्देश पर हुए थे. वहीं, परीक्षा एजेंसी के अधिकारियों से पूछताछ में भी परीक्षा संचालन से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं.
इन्हीं बयानों और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर CID अब पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांगते को अन्य संबंधित लोगों के साथ आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी. इसी सिलसिले में उन्हें 28 जुलाई को CID मुख्यालय में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है.
इससे पहले CID की टीम ख्यांगते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी कर चुकी है. करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेजों की जांच की और उनसे पूछताछ भी की. इसी दौरान परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया गया था.
जांच के दौरान CID ने JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं. वहीं, TDPL कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए गए हैं.
मामले में पहले ही TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और उसके करीबी अरविंद मंडल को गिरफ्तार किया जा चुका है. दोनों से पूछताछ के बाद CID फिलहाल अभय तिवारी को पूरे कथित परीक्षा घोटाले का मुख्य सूत्रधार मान रही है. अब एल. ख्यांगते से होने वाली पूछताछ को जांच का सबसे अहम चरण माना जा रहा है।