JSLPS के कंप्यूटर ऑपरेटर और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज ।

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रांची। झारखंड राज्य आजीविका कंप्यूटर ऑपरेटर संघ एवं झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित एवं जायज मांगों के समर्थन में सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दोनों संघों का कहना है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।


संघ के अनुसार, झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), ग्रामीण विकास विभाग द्वारा न्यू मॉडल NRLM पॉलिसी के आधार पर विभिन्न FTE संवर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, JSLPS में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।


संघ का दावा है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग में पिछले करीब 10 वर्षों से कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से दो डाटा एंट्री ऑपरेटरों को वर्ष 2025 में FTE घोषित कर 37,712 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि शेष 376 डाटा एंट्री ऑपरेटरों को अब तक FTE में शामिल नहीं किया गया है और उनके मानदेय में भी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि इन कर्मचारियों को अभी तक मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-7 में शामिल नहीं किया गया है।


इसी तरह हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग को लेकर संघ का कहना है कि 8 कर्मचारियों को FTE घोषित कर उन्हें 18,000 से 28,000 रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि शेष 232 कर्मचारियों को 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। संघ ने इसे असमानता बताते हुए कहा है कि इन कर्मचारियों को अवकाश की सुविधा भी स्वीकृत नहीं है और शेष 232 कर्मचारियों को मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-8 में भी शामिल नहीं किया गया है।


झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि दोनों संवर्गों की मांगें जायज हैं। उन्होंने JSLPS ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से कर्मचारियों की सभी लंबित मांगों को जल्द लागू करने और अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया।


वहीं संघ एवं महासंघ के अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, सम्मानित अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल, मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी से मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।


कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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