JSSC के सामने आदिवासी छात्र संघ ने उठाई कुड़ुख़ भाषा की परीक्षा रद्द करने की मांग, सचिव को सौंपा ज्ञापन

Spread the love

रांची: झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के अंतर्गत कुड़ुख़ भाषा के प्रश्नपत्र में आउट ऑफ सिलेबस और गलत मुद्रित प्रश्न पूछे जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इसको लेकर आदिवासी छात्र संघ ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से कुड़ुख़ भाषा की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज उरांव के नेतृत्व में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नामकुम स्थित JSSC कार्यालय पहुंचकर आयोग के सचिव को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रश्नपत्र में हुई कथित गड़बड़ियों से आयोग को अवगत कराया और अभ्यर्थियों के हित में उचित कार्रवाई की मांग की।

संघ का आरोप है कि कुड़ुख़ भाषा की परीक्षा में निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछे गए। इसके अलावा प्रश्नपत्र में कई प्रश्न गलत तरीके से मुद्रित थे। संघ का कहना है कि इस तरह की त्रुटियों से अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आदिवासी छात्र संघ ने आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने, कुड़ुख़ भाषा की परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित करने तथा पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन और सुधार करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया में भी सुधार करने की अपील की गई है।

इस दौरान केंद्रीय कार्यकारी मीडिया प्रभारी सह उपसचिव प्रकाश भगत, लखन उरांव, अर्चना उरांव सहित केंद्रीय कार्यकारी उपाध्यक्ष सुमित उरांव, सचिन उरांव, आनंद उरांव, दिनेश उरांव, लालेश्वर उरांव, विकास उरांव, अनुज उरांव, जयराम उरांव, कमलेश उरांव और बिरमानी उरांव समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

अब देखना होगा कि अभ्यर्थियों की इस मांग पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग क्या निर्णय लेता है।

Leave a Reply