JSSC-CGL में फिर गड़बड़ी का दावा, कुंदन कुमार पर 20 से ज्यादा अभ्यर्थियों की ‘सेटिंग’ कराने का आरोप

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रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच के बीच एक और बड़ा दावा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, JSSC-CGL परीक्षा में कुंदन कुमार नाम के एक अभ्यर्थी पर कथित तौर पर सेटिंग के जरिए सफलता हासिल करने और अपने भाई समेत 20 से अधिक अभ्यर्थियों को परीक्षा में सफलता दिलाने में भूमिका निभाने का आरोप लगा है।


JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही CID की टीम अब इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, कुंदन कुमार ने कथित तौर पर परीक्षा में गड़बड़ी के मास्टरमाइंड बताए जा रहे मिथिलेश सिंह के माध्यम से सेटिंग की थी। इस पूरी प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के लेन-देन का भी दावा किया गया है।


सूत्रों के अनुसार, CID को एक पत्र के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों के नाम और उनसे जुड़े आरोपों की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो JSSC-CGL परीक्षा में सफल होने के बाद वर्तमान में अलग-अलग सरकारी पदों पर कार्यरत हैं।


जानकारी के मुताबिक, पत्र में रवि नाम के एक अभ्यर्थी का भी जिक्र है, जिसके रांची में एक विभाग में पदस्थापित होने की बात कही गई है। वहीं विकास कुमार के BSO और धर्मेंद्र कुमार के LEO पद पर कार्यरत होने का दावा किया गया है। CID अब इन अभ्यर्थियों की परीक्षा प्रक्रिया और कुंदन कुमार से कथित संबंधों की जांच कर रही है।


भाई को JE बनाने का भी आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप कुंदन कुमार के भाई को लेकर है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुंदन कुमार पर कथित तौर पर अपने भाई को JSSC की परीक्षा के जरिए जूनियर इंजीनियर यानी JE के पद पर नौकरी दिलाने में भूमिका निभाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उनका भाई फिलहाल गढ़वा में कार्यरत है।


गौरतलब है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में CID अब तक सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि करीब 150 लोगों से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।


हालांकि, कुंदन कुमार और पत्र में बताए गए अन्य अभ्यर्थियों पर लगाए गए आरोपों की CID जांच कर रही है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि जांच में इन आरोपों को लेकर क्या ठोस सबूत सामने आते हैं।

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