
रांची: झारखंड की JSSC CGL-2023 परीक्षा एक बार फिर सुर्खियों में है। परीक्षा को लेकर विवाद और लगातार बदलती तारीखों के बीच अब सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल है। जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों ने परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद जश्न मनाया।
लेकिन JSSC CGL-2023 की कहानी यहीं से शुरू नहीं होती। परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक कई बार परीक्षा की तारीख बदली गई। आइए जानते हैं पूरी टाइमलाइन।

अक्टूबर 2023: पहली परीक्षा की तैयारी।
अक्टूबर 2023 में JSSC CGL परीक्षा की शुरुआती संभावित तारीख 14 और 15 अक्टूबर 2023 बताई गई थी, लेकिन बाद में परीक्षा को टाल दिया गया।
इसके बाद परीक्षा की तारीख 16 और 17 दिसंबर 2023 घोषित की गई। हालांकि प्रशासनिक कारणों से परीक्षा को फिर स्थगित कर दिया गया।
जनवरी 2024: पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द।
आखिरकार 28 जनवरी 2024 को परीक्षा आयोजित की गई। लेकिन पेपर लीक को लेकर हुए हंगामे के बाद उसी दिन परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इसके बाद 4 फरवरी 2024 को होने वाली अगली चरण की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई।
लंबे इंतजार के बाद 21 और 22 सितंबर 2024 को परीक्षा दोबारा आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 3.04 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए।
इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में अगस्त 2025 में JSSC ने CGL परीक्षा का परिणाम जारी किया। इसमें 1,932 अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि 10 अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया।

30 दिसंबर 2025: नियुक्ति पत्र वितरण
परीक्षा प्रक्रिया के बाद 30 दिसंबर 2025 को सफल अभ्यर्थियों के लिए मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
अब फिर क्यों सुर्खियों में है CGL?
परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद भी CGL-2023 को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। छात्रों के आंदोलन और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।

सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडियम में जश्न मनाया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों और नियुक्त हो चुके सफल उम्मीदवारों के संबंध में आगे सरकार क्या कदम उठाती है।
CGL-2023 की पूरी प्रक्रिया में कई बार परीक्षा टली, एक बार परीक्षा रद्द हुई, फिर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, रिजल्ट जारी हुआ और नियुक्ति पत्र भी बांटे गए। अब सरकार के नए फैसले ने इस पूरी प्रक्रिया को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।