MMDR संशोधन पर भाजपा की बेचैनी बता रही है कि चोट सही जगह लगी है: विनोद पांडेय

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि MMDR संशोधन को लेकर झामुमो और कांग्रेस की चिंता किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकारों की लड़ाई है।
विनोद पांडेय ने कहा कि अगर MMDR के मुद्दे पर झामुमो के आंदोलन से भाजपा को परेशानी हो रही है, तो यह साफ संकेत है कि “चोट सही जगह लगी है।”


उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता छात्रों के आंदोलन को MMDR के मुद्दे से जोड़कर मूल सवाल से बचने की कोशिश कर रहे हैं। पांडेय ने कहा कि छात्रों के रोजगार, नियुक्ति और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के सवाल महत्वपूर्ण हैं और सरकार इस दिशा में कार्रवाई कर रही है। लेकिन इसके साथ झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक अधिकारों से जुड़े सवाल भी उठाए जाते रहेंगे।


पांडेय ने कहा कि यदि MMDR संशोधन से राज्यों के खनिज अधिकार और राजस्व प्रभावित होते हैं, तो झामुमो चुप नहीं बैठेगा। झारखंड अपने प्राकृतिक संसाधनों के बदले उचित आर्थिक अधिकार की मांग कर रहा है और यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।


भाजपा के भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी पांडेय ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा के पास अवैध कमाई या भ्रष्टाचार से जुड़े कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और जांच एजेंसियों के सामने रखा जाए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से जनता को गुमराह नहीं किया जा सकता।

भर्ती परीक्षाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार ने अनियमितताओं की जांच कराई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
विनोद पांडेय ने भाजपा से सीधा सवाल करते हुए कहा कि MMDR संशोधन पर झारखंड भाजपा का स्पष्ट रुख क्या है? क्या भाजपा झारखंड के खनिज राजस्व और राज्य के अधिकारों की रक्षा के पक्ष में है या केंद्र सरकार के हर फैसले का समर्थन करेगी?


उन्होंने कहा कि रोजगार, नियुक्ति और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था युवाओं का अधिकार है, वहीं खनिज संपदा पर राज्य का अधिकार झारखंड का संवैधानिक और आर्थिक सवाल है। दोनों मुद्दों को आपस में जोड़कर भाजपा अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।


पांडेय ने स्पष्ट किया कि झामुमो झारखंड के हितों से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगा और MMDR संशोधन के खिलाफ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

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