
रांची। कुड़मी समाज की बहुप्रतीक्षित कुड़मी अधिकार महारैली अब 01 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी आज 30 जनवरी 2026 को होटल गंगा आश्रम, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बृहत झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के मुख्य संयोजक शीतल ओहदार ने दी।
प्रेस को संबोधित करते हुए श्री ओहदार ने बताया कि पहले यह महारैली 22 फरवरी 2026 को प्रभात तारा मैदान, धुर्वा में प्रस्तावित थी, लेकिन नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते अब यह ऐतिहासिक महारैली 01 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी।
श्री ओहदार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार कुड़मी समाज को संगठित होने से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भली-भांति जानती है कि कुड़मी समाज की प्रमुख मांगें —
कुड़मियों को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल करना
कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना
पूरी तरह जायज और संवैधानिक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 20 सितंबर को हुए रेल टेका आंदोलन के बाद से सरकार घबराई हुई है। कुड़मी समाज का आंदोलन केंद्र सरकार से जुड़ा है, इसके बावजूद राज्य सरकार बार-बार रैलियों को रोकने का प्रयास कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
श्री ओहदार ने समाज के युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुद्धिजीवियों से आह्वान किया कि 01 मार्च 2026 को संपूर्ण झारखंड से लोग प्रभात तारा मैदान में जुटें और अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहें।
गौरतलब है कि इससे पूर्व 11 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में सरकारी कार्यक्रम का हवाला देकर मैदान उपलब्ध नहीं कराया गया था। लगातार रैली रोके जाने के प्रयासों से कुड़मी समाज में भारी रोष व्याप्त है।
इस प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से सखीचंद महतो, दानिसिंह महतो, संजय लाल महतो, सुषमा महतो, अधिवक्ता मिथिलेश कुमार महतो, राजकुमार महतो, सोना लाल महतो, ज्योतिष महतो, रूपलाल महतो, खिरोधार महतो, संदीप महतो, किरण महतो एवं सुमन देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।