
झारखंड सरकार द्वारा किशोरियों को शिक्षा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना राज्य की बालिकाओं के लिए एक मजबूत आधार बन रही है। इस योजना के माध्यम से अब तक 104 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिससे हजारों किशोरियों को पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक संबल मिला है।
राज्य सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि झारखंड एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त प्रदेश के रूप में आगे बढ़ सके। हेमंत सोरेन की सोच है कि झारखंड की हर महिला को सम्मान मिले और प्रत्येक किशोरी को बेहतर शिक्षा व उज्ज्वल भविष्य के सभी अवसर प्राप्त हों।

इसी उद्देश्य के साथ झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरुआत की। योजना के अंतर्गत आठवीं से बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध रूप से कुल 40,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता बनी रहे और वे आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर अपने सपनों को साकार कर सकें।
🔹 ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सभी पात्र बालिकाएं अपने-अपने विद्यालयों के माध्यम से सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं।
अब तक 6,07,467 बालिकाओं के आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 2,78,463 लाभुकों को 104 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लाभुकों के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
पूरे राज्य में ई-विद्यावाहिनी में अंकित 15,007 विद्यालयों में से 13,469 विद्यालयों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। शेष विद्यालयों से आवेदन सुनिश्चित कराने के लिए शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
🔹 अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू रूप से निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों, कर्मियों, प्रधानाध्यापकों, BEEO तथा प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही समय-समय पर तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक / BEEO अथवा प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।