सेवा जागरूकता मंच ने 25 सेवा संस्थाओं को ‘सेवा सम्मान’ से किया सम्मानित, समाजसेवा के कार्यों को मिला प्रोत्साहन

Spread the love

रांची, 14 जून 2026: सेवा भारती, झारखंड के अंतर्गत सेवा जागरूकता मंच द्वारा रविवार को रांची के बिरसा चौक स्थित सेवा निकेतन में “सेवा सम्मान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर में सेवा कार्य कर रही 25 सेवा संस्थाओं तथा व्यक्तिगत रूप से समाजसेवा में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मंच के सचिव वी.एन. पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा जागरूकता मंच के वरीय सदस्य एवं एचईसी के पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष ने की। उन्होंने मंच के उद्देश्यों एवं सेवा गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि सेवा कार्य मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करते हैं।


मुख्य वक्ता राष्ट्रीय सेवा भारती के न्यासी गुरुशरण प्रसाद ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति और अग्रणी व्यक्ति के बीच सेवा एक सेतु का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि समरस समाज से ही राष्ट्र निर्माण संभव है तथा सेवा व्यक्ति को अहंकार से मुक्त बनाती है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व अपर मुख्य सचिव एन.एन. पाण्डेय ने कहा कि सेवा व्यक्ति के अंतःकरण और बाह्य जीवन दोनों को पवित्र बनाती है। उन्होंने कहा कि दया, करुणा और सहयोग की भावना ही सेवा कार्यों को सशक्त बनाती है। समाज में कार्यरत छोटी-छोटी सेवा संस्थाएं प्रेरणादायक कार्य कर रही हैं, जिससे अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक सहायता पहुंच रही है।


इस अवसर पर योगाचार्य अजय कुमार सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “रोगों के अचूक योगिक इलाज” का लोकार्पण भी किया गया। योगाचार्य ने कहा कि योग के माध्यम से मन में सेवा का भाव विकसित होता है।


कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं द्वारा अपने सेवा कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। अंत में मंच के उपाध्यक्ष ललन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कार्यक्रम का संचालन ब्रजकिशोर राम ने किया।


इस अवसर पर सेवा भारती के उपाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ मिश्रा, राधेश्याम अग्रवाल, शुभेंदु भट्ट, आर.एस. रुंगटा, आर.एन. चौबे, चंदन मिश्र, रमाशंकर बगड़िया, विनय गांगुली, डॉ. निधि सहाय सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Leave a Reply