रांची में शिवमय हुआ माहौल, अंतिम दिवस कथा में पहुंचे लाखों श्रद्धालु

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रांची में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का रविवार को भव्य और भावपूर्ण समापन हुआ। कथा के सातवें एवं अंतिम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण “हर हर महादेव” एवं “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष से गूंज उठा। आयोजन समिति के अनुसार अंतिम दिन लगभग छह लाख श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।


कथा प्रातः आठ बजे प्रारंभ हुई और साढ़े ग्यारह बजे तक लगातार चली। श्रद्धालु पूरे समय गुरुदेव के दिव्य वचनों में लीन दिखाई दिए। कथा के दौरान गुरुदेव ने माता-पिता, गुरु और भगवान शिव की सेवा को जीवन का सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि सच्चे मन से की गई सेवा का फल तुरंत प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सेवा, समर्पण और श्रद्धा ही जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
गुरुदेव ने आगामी सिंहस्थ कुंभ का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि उज्जैन से सीहोर की दूरी लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर है और श्रद्धालु वहां पहुंचकर भी शिव भक्ति एवं सत्संग का लाभ प्राप्त करें। उनके इस संदेश से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।


अपने प्रवचन में गुरुदेव ने जीवन में प्रयास और साधना के महत्व को समझाते हुए कहा कि जैसे दूध को मथने पर ही माखन प्राप्त होता है, उसी प्रकार निरंतर प्रयास, सेवा और श्रद्धा से ही ईश्वर की कृपा और सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि बिना परिश्रम के किसी भी दिव्य फल की प्राप्ति संभव नहीं है।


कथा के दौरान गुरुदेव ने रांची के मौसम की भी सराहना की और हल्के-फुल्के अंदाज में मौसम को लेकर चुटकी ली, जिससे पूरा पंडाल तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रेम और आस्था की प्रशंसा करते हुए पुनः रांची आने की इच्छा भी जताई।


“एक लोटा जल सभी समस्याओं का हल” का संदेश भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। गुरुदेव ने कहा कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव पर जल अर्पित करने से व्यक्ति के अनेक कष्ट दूर हो जाते हैं।


भक्ति का माहौल उस समय और अधिक भावुक हो गया जब गुरुदेव ने “देर न लगाओ बाबा देर न लगाओ, पर्वत से भोले बाबा नीचे चले आओ” भजन प्रस्तुत किया। पूरा कथा पंडाल शिवमय हो उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूमने लगे।


आज की कथा के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी विनीता देवी रहे। वहीं भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद Deepak Prakash भी कथा में शामिल हुए और शिव महापुराण कथा का श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


सात दिनों तक चले इस भव्य धार्मिक आयोजन ने रांची को पूरी तरह शिवमय बना दिया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भावुक मन से गुरुदेव का आशीर्वाद लिया और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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