UCMAS नेशनल चैंपियनशिप में अर्पित दुबे का शानदार प्रदर्शन, देशभर में हासिल किया तीसरा स्थान

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मुंबई में आयोजित 25वीं UCMAS नेशनल अबाकस एंड मेंटल अर्थमैटिक चैंपियनशिप में रांची के छात्र अर्पित दुबे ने पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल कर पलामू और रांची का नाम रोशन किया।


रांची। मुंबई में आयोजित 25वीं UCMAS नेशनल अबाकस एंड मेंटल अर्थमैटिक चैंपियनशिप में रांची के अर्पित दुबे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। अर्पित की इस उपलब्धि से उनके परिवार, शुभचिंतकों, गांव और समाज में खुशी का माहौल है। लोग उन्हें लगातार बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।


अर्पित दुबे डीएवी बरियातू के छात्र हैं। परिवार के अनुसार, अर्पित पढ़ाई के प्रति शुरू से ही काफी मेहनती और समर्पित रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार, अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और आज्ञाकारिता की भी परिवार के लोग सराहना करते हैं।


अर्पित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों के सही मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया है। खास तौर पर वह अपनी दादी सुशीला दुबे को अपनी सफलता का मुख्य श्रेय देते हैं।


शिक्षा के क्षेत्र में परिवार की रही है अहम भूमिका
अर्पित का परिवार शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान देता रहा है। उनके दादा प्रो. डॉ. के.एन. दुबे पूर्व में वाइस चांसलर रह चुके हैं, जबकि उनके पिता अजय नाथ दुबे वर्तमान में इंजीनियर हैं। उनकी दादी सुशीला दुबे महिला भक्ति परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

अर्पित मूल रूप से पलामू जिले के चैनपुर क्षेत्र के कुलपति ग्राम बराव के निवासी हैं और वर्तमान में राजधानी रांची में अपने परिवार के साथ रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रहे हैं।


अर्पित के परदादा स्वर्गीय कर्णेश्वर दुबे स्वतंत्रता सेनानी और मुखिया भी रहे हैं। परिवार की इस शैक्षणिक और सामाजिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए अर्पित ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।


बड़ा होकर इसरो में वैज्ञानिक बनना चाहते हैं अर्पित
अर्पित का सपना बड़ा होकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो में वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना है। उनकी इस उपलब्धि ने उनके सपनों को एक नई उड़ान दी है। परिवार और शुभचिंतकों को उम्मीद है कि अर्पित भविष्य में भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे।

अर्पित की उपलब्धि पर उनकी बुआ बिंदु दुबे, फूफा निशांत दुबे, दिव्या भारती, नेहा बारा, मोहित दुबे, डॉ. सौम्या भारती, पाली दुबे, शिवांत दुबे सहित दुबे और चौबे परिवार के सदस्यों तथा गांव, मोहल्ले और समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी है परिवार के लोगों ने कहा कि अर्पित की यह सफलता सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पलामू और रांची के लिए भी गर्व का विषय है।


अर्पित दुबे की रांची वापसी 8 सितंबर को होगी।

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