
रांची | माननीय केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने आज सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी के नवसंचालन का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन अवसर पर वृक्षारोपण, दीप प्रज्वलन एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री दुबे ने कहा कि कोयला उद्योग देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की रीढ़ है। कोल कर्मी हर परिस्थिति में राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि कोयला उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। ओबी (ओवर बर्डन) से क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी जैसी पहलों से कोयला परिवहन को अधिक कुशल बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड के माध्यम से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। सीएसआर योजनाओं के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘नन्हा सा दिल’, ‘सीसीएल के लाल’, ‘सीसीएल की लाडली’ एवं जेएसएसपीएस जैसी योजनाएं बच्चों और युवाओं को सशक्त बना रही हैं।
इस अवसर पर पलामू सांसद वी. डी. राम ने कहा कि राजहरा कोलियरी क्षेत्र की जनता को समर्पित एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो रोजगार, विकास और सामाजिक उत्थान का माध्यम बनेगी।
सीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक निलेंदु कुमार सिंह ने मंत्री एवं सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजहरा कोलियरी जनता से गहराई से जुड़ी परियोजना है। महिलाओं की व्यापक सहभागिता यह दर्शाती है कि यह परियोजना जनआस्था का केंद्र बन चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत, छात्रों द्वारा स्वागत गीत एवं गणेश वंदना की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, राजहरा महाप्रबंधक श्री मनीष कुमार सहित सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

राजहरा ओपन कास्ट कोलियरी में ओपन कास्ट विधि से कोयला खनन किया जाएगा, जिसकी वार्षिक पीक उत्पादन क्षमता लगभग 5 लाख टन निर्धारित है। परियोजना का अनुमानित खनन जीवन करीब 18 वर्ष या उससे अधिक होगा। कुल 4.925 मिलियन टन G-9 श्रेणी का कोयला भंडार उपलब्ध है। यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
