
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का यह रवैया राजनीतिक हताशा और दोहरे मापदंडों को दर्शाता है।
विनोद पांडेय ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा नेताओं को न तो संविधान की याद आती है और न ही राष्ट्रीय स्वाभिमान की चिंता होती है। लेकिन जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यहित में विदेश जाते हैं, तो भाजपा नेता अनर्गल आरोप लगाने लगते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर झारखंड में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर तलाशने गए हैं। यह दौरा पूरी तरह राज्य के आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, न कि किसी निजी या राजनीतिक उद्देश्य से।
झामुमो महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री रांची लौटने के बाद दावोस और यूके दौरे से जुड़ी उपलब्धियों, निवेश प्रस्तावों और हुई बैठकों की पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करेंगे। झामुमो पारदर्शिता में विश्वास करता है और भाजपा की जनता को भ्रमित करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
विनोद पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने लंदन स्थित कॉलेज जाकर झारखंड आंदोलन के पुरोधा जयपाल सिंह मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भारत और ब्रिटेन के बीच शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को लेकर भी सहमति बनी है।

उन्होंने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यूके जाकर झारखंड सरकार की शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति योजना से वहां पढ़ रहे छात्रों से मिलना चाहिए। ऐसा करने से उन्हें झारखंड सरकार के प्रयासों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की गंभीरता का अहसास होगा।
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता समझदार है और वह जानती है कि कौन राज्य के विकास के लिए काम कर रहा है और कौन केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी कर रहा है।