
रांची | 10 अक्टूबर 2026 झारखंड में मुड़मा जतरा स्थल के पास जमीन विवाद का मामला सामने आया है। जनजाति सुरक्षा मंच ने आरोप लगाया है कि पूर्व आर्मी बिरसा उरांव की खतियानी रैयती जमीन पर बन रहे मकान की दीवार और बाउंड्री को कुछ लोगों ने तोड़ दिया। साथ ही बिरसा उरांव और उनके परिवार के सदस्यों के साथ जानलेवा हमला और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
इस मामले को लेकर 10 अक्टूबर 2026 को जनजाति सुरक्षा मंच की टीम ने मुड़मा जतरा स्थल का दौरा किया और बिरसा उरांव के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
खतियानी जमीन पर मकान बनाने का दावा
जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिरसा उरांव अपने खतियानी रैयती जमीन पर मकान का निर्माण करा रहे थे। परिवार का दावा है कि यह जमीन जतरा स्थल से अलग है। मंच का कहना है कि वर्ष 2010-11 में भी मकान बनाने की कोशिश के दौरान उन्हें रोकने और परेशान करने की शिकायत सामने आई थी।
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि इस विवाद को लेकर बिरसा उरांव ने झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मंच के अनुसार, न्यायालय ने प्रशासन की देखरेख में मकान निर्माण की अनुमति देने संबंधी आदेश पारित किया था। इसी के बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया।
बंधन तिग्गा के नेतृत्व वाली समिति पर गंभीर आरोप
जनजाति सुरक्षा मंच ने मुड़मा जतरा संचालन समिति और बंधन तिग्गा पर भीड़ जुटाकर निर्माणाधीन मकान में तोड़फोड़ और बिरसा उरांव के परिवार के साथ मारपीट करवाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
परिवार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2010-11 में मकान निर्माण की तैयारी के दौरान उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई थी। जनजाति सुरक्षा मंच का दावा है कि जतरा स्थल की सीमा के भीतर अन्य अतिक्रमणों को लेकर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि बिरसा उरांव के मकान को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
परिवार से मिलकर जुटाई जानकारी
जनजाति सुरक्षा मंच की टीम ने बिरसा उरांव की पत्नी सोमारी उरांव, उनके बड़े भाई बुधुवा उरांव, बहन गंही उरांव, सुनीता उरांव, मांगा उरांव, दीपक खलखो, अरविंद उरांव और सोनी खलखो सहित परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, घटना के बाद बिरसा उरांव चिकित्सकीय जांच के लिए रांची आए हुए थे। मंच ने दावा किया कि परिवार की ओर से जमीन से संबंधित दस्तावेज और न्यायालय के आदेश सहित कई कागजात दिखाए गए हैं।
उपायुक्त से मिलेगा जनजाति सुरक्षा मंच
जनजाति सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया है कि बिरसा उरांव के मकान का निर्माण हर हाल में कराया जाना चाहिए। मंच जल्द ही रांची के उपायुक्त से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देगा और बिरसा उरांव तथा उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करेगा।
मंच ने यह भी कहा है कि मुड़मा जतरा संपन्न होने के बाद जतरा संचालन समिति के सदस्यों के साथ बैठक की जाएगी, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके।
मुड़मा जतरा स्थल से जुड़े इस जमीन विवाद में अब प्रशासन की भूमिका अहम मानी जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच, संबंधित पक्षों का पक्ष और जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जरूरी होगा।