
रांची, 27 अगस्त 2026: झारखंड के बौद्ध समाज की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने गंभीर पहल की है। गुरुवार को आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू की अध्यक्षता में रांची परिसदन में बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे बौद्ध समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से आयोग के समक्ष रखा। इस दौरान बौद्ध समाज के विकास, शिक्षा, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधियों ने इटखोरी में बौद्ध सर्किट के निर्माण, झारखंड के सभी जिलों में बौद्ध विहार बनाने, बौद्ध समाज के लिए राज्यस्तरीय संगठन के गठन और बौद्ध विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिलाने की मांग रखी।

इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने, छात्रावासों के निर्माण, सभी विश्वविद्यालयों में पाली भाषा की पढ़ाई शुरू कराने, बौद्ध संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और बौद्ध विहारों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन जैसे मुद्दे भी बैठक में उठाए गए।
आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि बौद्ध समाज की जायज समस्याओं के समाधान के लिए आयोग की ओर से हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बौद्ध समाज की उचित मांगों को राज्य सरकार के समक्ष भी प्रमुखता से रखा जाएगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
बैठक के बाद बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे समय के बाद उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। प्रतिनिधियों ने आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू की पहल की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।
बौद्ध समाज के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आयोग की इस पहल से वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस और सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
